Nagpur News : रविवार रात महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। उपद्रवियों की साजिश से पर्दा उठता जा रहा है। ये साफ हो गया है कि नागपुर में दंगाईयों के टारगेट पर सिर्फ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थे और उनका मकसद सिर्फ समाज में सांप्रदायिकता का जहर घोलना था। हिंदू धर्म के प्रतीकों को देखकर, नागपुर में उपद्रवियों ने हिंसक प्लान को अंजाम दिया। हौसले इतने बुलंद थे कि DCP निकेतन कदम पर कुल्हाडी से हमला करते हुए एक बार भी नहीं सोचा।
नागपुर में एक अफवाह से भड़की हिंसा ने विकराल रूप ले लिया, जिसके बाद उपद्रवियों ने इस कदर बवाल काटा कि स्थिति को संभाले के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। चेहरे पर नकाब ओढकर आए उपद्रवियों ने शहर की फिजा खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का सीधा आरोप है कि दंगाई एक खास मकसद के साथ आए थे और उनके निशाने पर सिर्फ और सिर्फ हिंदू थे। उन्हीं घरों, कारों और दुकानों को निशाना बनाया गया जहां हिंदू धार्मिक निशान नजर आए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि ये हिंसा एक साजिश लगती है। भीड़ ने चुनिंदा घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।
नागपुर पुलिस ने हिंसा के आरोप में अभी तक 5 FIR दर्ज कर 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। जिन घरों और वाहनों का नुकसान हुआ है, पुलिस ने उनका पंचनामा शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक 2 FIR गणेश पेठ थाने में दर्ज हुई है और 3 FIR तहसील पुलिस थाने के अंतर्गत दर्ज की गई है। इस हिंसा के दौरान 34 पुलिसकर्मी और 5 अन्य लोग घायल हुए हैं।
शहर की स्थिति को देखते हुए नागपुर के जोन 3, 4 और 5 के अंतर्गत सभी थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। 33 घायल पुलिसकर्मियों में एक पुलिस उपायुक्त और एक सह पुलिस आयुक्त भी शामिल है। हिंसा में जिन वाहनों को नुकसान हुआ है उसमें 38 वाहन 2 पहिया, 1 क्रेन, 5 कार, 2 जेसीबी और एक सरकारी वाहन शामिल है।